उत्तर प्रदेश में आलू किसानों के लिए बड़ी पहल: ₹1,000 करोड़ का भाव स्थिरता कोष

लखनऊ, 17 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को बाजार भाव में गिरावट, भंडारण लागत और गुणवत्तापूर्ण बीज की ऊंची कीमत से राहत देने के उद्देश्य से तीन प्रमुख योजनाओं की घोषणा की है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नया आलू विकास पोर्टल – potato.uphorticulture.in भी शुरू किया गया है।
1. ₹1,000 करोड़ का ‘भाव स्थिरता कोष’
आलू के बाजार भाव में तेज गिरावट की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए ₹1,000 करोड़ का भाव स्थिरता कोष स्थापित किया गया है। इसमें ₹100 करोड़ टोकन धनराशि का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत पंजीकृत किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सहायता मिलेगी और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल आलू को योजना के दायरे में लिया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इससे प्रदेश के करीब 12–14 लाख किसान लाभान्वित हो सकते हैं।
आवेदन ऑनलाइन होगा और सहायता राशि आधार-सीडेड बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाएगी। योजना के लिए दो क्रियान्वयन अवधियां निर्धारित हैं—1 जनवरी से 15 अप्रैल और 1 जुलाई से 31 अक्टूबर।
2. निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर ₹100 प्रति क्विंटल सहायता
निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों को भंडारण शुल्क पर ₹100 प्रति क्विंटल की सहायता दी जाएगी। प्रत्येक किसान को अधिकतम ₹20,000 तक का अनुदान मिल सकेगा।
इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ की भंडारण शुल्क छूट योजना घोषित की गई है, जिसमें ₹100 करोड़ टोकन धनराशि का प्रावधान है। सरकार के अनुसार इससे 15 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। सहायता राशि भी DBT के जरिए आधार-सीडेड बैंक खाते में भेजी जाएगी।
3. उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज पर अधिकतम ₹1,000 प्रति क्विंटल छूट
किसानों को नवीन एवं उच्च गुणवत्ता वाली आलू किस्मों के बीज उपलब्ध कराने के लिए ‘आलू बीज के विक्रय दर में छूट की योजना’ वर्ष 2026-27 से लागू की गई है।
इसके तहत आलू बीज खरीद पर अधिकतम ₹1,000 प्रति क्विंटल की छूट मिलेगी। योजना के लिए ₹5 करोड़ की व्यवस्था की गई है और इससे 15,000 से अधिक किसानों के लाभान्वित होने का अनुमान है।
Potato Bazaar Take
तीनों योजनाएं आलू किसान की तीन महत्वपूर्ण लागत और जोखिम बिंदुओं—बाजार भाव, कोल्ड स्टोरेज खर्च और बीज लागत—को सीधे संबोधित करती हैं। विशेष रूप से ₹100 प्रति क्विंटल भंडारण सहायता और भाव स्थिरता कोष का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि पात्रता, भाव गिरावट के निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण: योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण/आवेदन और आधार-सीडेड बैंक खाता आवश्यक है। विस्तृत पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के आलू विकास पोर्टल को देखें।
